महाराजगंज: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव में महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश, अनन्य विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने घुघली थाने के एक उपनिरीक्षक और कांस्टेबल समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की विवेचना सीओ स्तर के अधिकारी से कराने के भी निर्देश दिए हैं।
आधी रात घर में घुसने का आरोप
मामला 6 जुलाई का बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, एक मामले में पुलिस उनके घर के पुरुष सदस्यों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई थी। आरोप है कि उसी रात करीब एक से दो बजे के बीच एक दरोगा और कांस्टेबल समेत करीब 22 पुलिसकर्मी बिना महिला पुलिसकर्मी और वारंट के उनके घर में दाखिल हुए।
पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तलाशी लेने के नाम पर घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्रता की और उनकी लज्जा भंग की। इसके बाद पीड़िता ने अदालत का रुख किया।
दरोगा और कांस्टेबल समेत 22 के खिलाफ केस
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद घुघली थाने के एसआई राकेश यादव, कांस्टेबल अमित कुमार और 20 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले की जांच सीओ स्तर के अधिकारी से कराने को कहा गया है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
अदालत के आदेश के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। एएसपी सिद्धार्थ ने बताया कि एससी-एसटी कोर्ट का आदेश प्राप्त हुआ है और उसका परीक्षण किया जा रहा है। आदेश के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच होनी बाकी है। पुलिस की विवेचना के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
